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नई कुंडली

दैनिक पंचांग

पंचांग

दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — उनके समाप्ति समय सहित, और आपके शहर के शुभ-अशुभ काल।

पंचांग क्या है?

पंचांग का अर्थ है "पाँच अंग"। हर दिन उसकी तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य–चंद्र संयोग) और करण (आधी तिथि) से जाना जाता है। इनसे कार्य, यात्रा, संस्कार और व्रत के लिए शुभ समय चुना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं?

सूर्योदय और सूर्यास्त आपके चुने शहर के लिए गणना किए जाते हैं। हर अंग का समाप्ति समय उस सटीक क्षण को हल करके निकाला जाता है जब चंद्रमा और सूर्य अगली सीमा पर पहुँचते हैं। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक दिनमान के आठवें भाग हैं, और चौघड़िया दिन व रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है।

अपने शहर का आज का पंचांग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?
तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग और करण। ये मिलकर दिन की गुणवत्ता बताते हैं।
हर शहर का पंचांग अलग क्यों होता है?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल और सूर्योदय के समय कौन सी तिथि या नक्षत्र है, यह स्थान पर निर्भर है, इसलिए पंचांग आपके शहर के लिए गणना किया जाता है।
राहु काल क्या है?
राहु काल हर दिन लगभग 90 मिनट का समय है, हर वार के लिए अलग, जिसे नया काम शुरू करने के लिए अनुपयुक्त माना जाता है। यह दिनमान का आठवाँ भाग है।