अच्छा मुहूर्त कैसे बनता है?
मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण से चुना जाता है। हर उद्देश्य के अपने शुभ नक्षत्र और तिथियाँ हैं — जैसे विवाह के लिए रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त और रेवती। कठोर योग, विष्टि करण और राहु काल से बचा जाता है।
शुभ मुहूर्त सदस्य
आपके शहर के लिए विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या व्यापार आरंभ की शुभ तिथियाँ और समय खोजें — चाहें तो अपनी कुंडली से भी जाँचें।
एक टैप में आपके शहर की अगली पाँच शुभ तारीखें।
मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण से चुना जाता है। हर उद्देश्य के अपने शुभ नक्षत्र और तिथियाँ हैं — जैसे विवाह के लिए रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त और रेवती। कठोर योग, विष्टि करण और राहु काल से बचा जाता है।
विवाह और गृह प्रवेश पारंपरिक रूप से चातुर्मास, खरमास (सूर्य धनु या मीन में), अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक, या गुरु या शुक्र अस्त होने पर नहीं होते। खराब तारा बल या चंद्राष्टम वाले दिन भी छोड़ने के लिए अपनी कुंडली जोड़ें।