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नई कुंडली

त्योहार पूजा

पूजा विधि, सामग्री और मुहूर्त

त्योहार चुनें — आपके शहर में तारीख, सटीक पूजा मुहूर्त, ज़रूरी सामग्री और घर पर पूजा करने की विधि।

पूजा मुहूर्त कैसे निकाला जाता है

हर त्योहार शास्त्रों में बताए एक समय पर मनाया जाता है: दिवाली प्रदोष में स्थिर (वृषभ) लग्न में, जन्माष्टमी निशीथ (आधी रात) में, गणेश चतुर्थी मध्याह्न में, दशहरा अपराह्न में। हम आपके शहर के लिए वही समय निकालते हैं।

यहाँ दी गई विधि सरल घरेलू पूजा है। परिवार और क्षेत्र की परंपराएँ अलग होती हैं — जहाँ बड़े या पुरोहित मार्गदर्शन दें, उनका पालन करें।

और पूजा विधियाँ

तिथि सूचियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूजा का समय क्यों मायने रखता है?
हर त्योहार का निर्धारित समय है: स्थिर लग्न के साथ प्रदोष में लक्ष्मी पूजा, मध्याह्न में गणेश पूजा, मध्यरात्रि में जन्माष्टमी। उस समय की पूजा सबसे फलदायी मानी जाती है।
क्या पंडित के बिना पूजा कर सकते हैं?
हाँ। गाइड सरल घरेलू पूजा देती है: सामग्री, क्रमवार विधि और कथा। जहाँ अलग हो, अपनी पारिवारिक परंपरा मानें।
क्या हर शहर में मुहूर्त एक ही है?
नहीं। यह स्थानीय सूर्यास्त, सूर्योदय या चंद्रोदय पर निर्भर है, इसलिए सही समय के लिए अपना शहर चुनें।