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होलिका दहन पूजा विधि 2027: सामग्री, विधि और मुहूर्त

होली से पहले फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या में होलिका दहन।

2027 की तिथि और पूजा मुहूर्त

सोमवार, 22 मार्च 2027

प्रदोष काल पूजा
18:33 – 20:57

समय नई दिल्ली के लिए है। अन्य शहरों की तिथि और मुहूर्त नीचे हैं।

सामग्री

घर पर होलिका दहन पूजा कैसे करें

  1. संध्या में होलिका के पास एकत्र हों।
  2. उसके चारों ओर तीन या सात बार कच्चा सूत लपेटें।
  3. जल, रोली, चावल, फूल और नारियल अर्पित करें।
  4. मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें और उसमें नया अनाज भूनें।
  5. अग्नि की परिक्रमा कर रक्षा की प्रार्थना करें।

होलिका दहन कथा

राजा हिरण्यकशिपु चाहता था कि उसका पुत्र प्रह्लाद विष्णु की भक्ति छोड़ दे।

उसकी बहन होलिका, जिसे अग्नि नहीं जला सकती थी, प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठी।

विष्णु की कृपा से होलिका जल गई और प्रह्लाद सुरक्षित निकल आए।

सरल घरेलू पूजा। जहाँ अलग हो, अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित का पालन करें।

प्रमुख शहरों में होलिका दहन 2027 पूजा मुहूर्त

शहरमुहूर्त
दिल्ली18:33 – 20:57
मुंबई18:49 – 21:13
अहमदाबाद18:51 – 21:15
कोलकाता17:48 – 20:12
चेन्नै18:19 – 20:43
बेंगलुरु18:30 – 20:54
हैदराबाद18:27 – 20:51
पुणे18:45 – 21:09
जयपुर18:38 – 21:02
लखनऊ18:18 – 20:42
अपने शहर का होलिका दहन मुहूर्त पाएँ, कथा सुनने के बटन के साथ।
पूजा विधि खोलें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में होलिका दहन पूजा का मुहूर्त क्या है?
होलिका दहन सोमवार, 22 मार्च 2027 को है। नई दिल्ली में पूजा का श्रेष्ठ समय 18:33 – 20:57 है। अपने शहर के लिए पूजा गाइड खोलें।
होलिका दहन पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
लकड़ी और उपले, कच्चा सूत, जल, रोली, चावल, फूल, नारियल, नया अनाज (गेहूँ या जौ) और मिठाई।
घर पर होलिका दहन पूजा कैसे करें?
संध्या में होलिका के पास एकत्र हों। उसके चारों ओर तीन या सात बार कच्चा सूत लपेटें। जल, रोली, चावल, फूल और नारियल अर्पित करें। मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें और उसमें नया अनाज भूनें। अग्नि की परिक्रमा कर रक्षा की प्रार्थना करें।

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