रुद्राक्ष
5 मुखी रुद्राक्ष
5 मुखी रुद्राक्ष का स्वामी गुरु है और देवता कालाग्नि रुद्र: लाभ, मंत्र, कौन पहने और कैसे।
| स्वामी ग्रह | गुरु |
|---|---|
| देवता | कालाग्नि रुद्र |
| मंत्र | ॐ ह्रीं नमः |
| विशेषकर | धनु और मीन |
लाभ
पाँच मुखी रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र का प्रतीक और सबसे आम मनका है। इसे स्वास्थ्य, शांति, रक्तचाप संतुलन और सामान्य कल्याण के लिए पहना जाता है, और यह सभी के लिए उपयुक्त है; यह गुरु से जुड़ा है।
रुद्राक्ष कैसे धारण करें
- सोमवार या शिवरात्रि की सुबह स्नान के बाद चुनें।
- रुद्राक्ष को कच्चे दूध और गंगाजल से धोकर शिव को अर्पित करें।
- ॐ नमः शिवाय का 108 बार जप करें और लाल या काले धागे या चाँदी में धारण करें।
- सोते समय, अंतिम संस्कार में और शराब या मांस लेते समय उतार दें।
रुद्राक्ष का कोई दुष्प्रभाव नहीं है और इसे कोई भी पहन सकता है। केवल असली, लैब-प्रमाणित मनके ही खरीदें।
अपनी कुंडली से रत्न और रुद्राक्ष सुझाव पाएँ।
मेरी कुंडली बनाएँ