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चौघड़िया

आज का चौघड़िया – तिरुपति

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · सूर्योदय 06:06 · सूर्यास्त 17:45

दिन और रात दोनों आठ-आठ भागों में बँटे हैं। अमृत, शुभ और लाभ अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए ठीक है; रोग, काल और उद्वेग से बचें।

दिन का चौघड़िया

  1. काल06:06 – 07:33त्याज्य
  2. उद्वेग07:33 – 09:01त्याज्य
  3. अमृत09:01 – 10:28शुभ
  4. रोग10:28 – 11:55त्याज्य
  5. लाभ11:55 – 13:23शुभ
  6. शुभ13:23 – 14:50शुभ
  7. चर14:50 – 16:18सामान्य
  8. काल16:18 – 17:45त्याज्य

रात का चौघड़िया

  1. लाभ17:45 – 19:18शुभ
  2. उद्वेग19:18 – 20:50त्याज्य
  3. शुभ20:50 – 22:23शुभ
  4. अमृत22:23 – 23:56शुभ
  5. चर23:56 – 01:28सामान्य
  6. रोग01:28 – 03:01त्याज्य
  7. काल03:01 – 04:33त्याज्य
  8. लाभ04:33 – 06:06शुभ

रविवार, 1 नवंबर 2026 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  1. उद्वेग06:06 – 07:33त्याज्य
  2. अमृत07:33 – 09:01शुभ
  3. रोग09:01 – 10:28त्याज्य
  4. लाभ10:28 – 11:55शुभ
  5. शुभ11:55 – 13:23शुभ
  6. चर13:23 – 14:50सामान्य
  7. काल14:50 – 16:17त्याज्य
  8. उद्वेग16:17 – 17:45त्याज्य

रात का चौघड़िया

  1. शुभ17:45 – 19:17शुभ
  2. अमृत19:17 – 20:50शुभ
  3. चर20:50 – 22:23सामान्य
  4. रोग22:23 – 23:56त्याज्य
  5. काल23:56 – 01:28त्याज्य
  6. लाभ01:28 – 03:01शुभ
  7. उद्वेग03:01 – 04:34त्याज्य
  8. शुभ04:34 – 06:06शुभ

चौघड़िया का उपयोग कैसे करें

दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) दोनों आठ-आठ चौघड़ियों में बँटे हैं। अमृत, शुभ और लाभ काम शुरू करने के लिए अच्छे हैं, चर यात्रा के लिए ठीक है, और रोग, काल व उद्वेग टाले जाते हैं।

चौघड़ियों का क्रम वार पर और उनकी अवधि आपके शहर के दिनमान पर निर्भर करती है, इसलिए समय रोज़ बदलता है। गुजरात और राजस्थान में यात्रा, खरीदारी और काम शुरू करने जैसे त्वरित मुहूर्त के लिए चौघड़िया बहुत प्रचलित है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुपति में आज कौन सा चौघड़िया शुभ है?
आज दिन के शुभ चौघड़िया हैं: अमृत 09:01–10:28, लाभ 11:55–13:23, और शुभ 13:23–14:50।
कौन से चौघड़िया शुभ और कौन से अशुभ हैं?
अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चर यात्रा के लिए ठीक है; रोग, काल और उद्वेग अशुभ हैं।
चौघड़िया और होरा में क्या अंतर है?
चौघड़िया दिन या रात का आठवाँ भाग है जिसका नाम उसके गुण पर है। होरा बारहवाँ भाग है जिसका स्वामी कोई ग्रह होता है। दोनों त्वरित मुहूर्त के लिए उपयोग होते हैं।

सभी समय तिरुपति के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में हैं, जो शहर के सटीक अक्षांश और देशांतर से निकाले गए हैं।

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