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सातवें भाव में बुध

Mercury · कलत्र भाव

बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और शिक्षा का कारक है। सातवें भाव, जिसे कलत्र भाव कहते हैं, विवाह और साझेदारी को दर्शाता है। जब बुध यहाँ होता है, तो इन विषयों पर उसका रंग चढ़ता है।

सातवें भाव में शुभ ग्रह अच्छा जीवनसाथी, सुखी साझेदारी और जनसंपर्क में सफलता देता है।

सातवें भाव केंद्र है, कुंडली का स्तंभ, इसलिए यहाँ का ग्रह अपने फल खुलकर और प्रबलता से देता है।

सातवें भाव बुध के दिग्बल स्थान के ठीक सामने है, इसलिए यहाँ वह कुछ बल खोता है।

बुध यहाँ सबसे अच्छे फल तब देता है जब वह कन्या में उच्च, अपनी राशि (मिथुन और कन्या) में या मित्र राशि में हो, और अस्त न हो।

यदि बुध मीन में नीच, अस्त या पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो फल कमज़ोर होते हैं।

गोचर में

जब बुध आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव में गोचर करता है, तो पारंपरिक रूप से उस समय अधिक सावधानी चाहिए।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में बुध किस भाव में है, उसके बल और स्थिति के साथ देखें।
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