ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

भावों में ग्रह · केंद्र

सातवें भाव में गुरु

Jupiter · कलत्र भाव

गुरु ज्ञान, संतान, धन और सौभाग्य का कारक है। सातवें भाव, जिसे कलत्र भाव कहते हैं, विवाह और साझेदारी को दर्शाता है। जब गुरु यहाँ होता है, तो इन विषयों पर उसका रंग चढ़ता है।

सातवें भाव में शुभ ग्रह अच्छा जीवनसाथी, सुखी साझेदारी और जनसंपर्क में सफलता देता है।

सातवें भाव केंद्र है, कुंडली का स्तंभ, इसलिए यहाँ का ग्रह अपने फल खुलकर और प्रबलता से देता है।

सातवें भाव गुरु के दिग्बल स्थान के ठीक सामने है, इसलिए यहाँ वह कुछ बल खोता है।

गुरु यहाँ सबसे अच्छे फल तब देता है जब वह कर्क में उच्च, अपनी राशि (धनु और मीन) में या मित्र राशि में हो, और अस्त न हो।

यदि गुरु मकर में नीच, अस्त या पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो फल कमज़ोर होते हैं।

गोचर में

जब गुरु आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव में गोचर करता है, तो पारंपरिक रूप से वह समय शुभ होता है।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में गुरु किस भाव में है, उसके बल और स्थिति के साथ देखें।
मुफ्त कुंडली बनाएं

अन्य भावों में गुरु

पहलेदूसरेतीसरेचौथेपाँचवेंछठेसातवेंआठवेंनौवेंदसवेंग्यारहवेंबारहवें

सातवें भाव में अन्य ग्रह

सूर्यचंद्रमंगलबुधशुक्रशनिराहुकेतु