रत्न
मोती रत्न
चंद्र का रत्न, जो आपकी कुंडली में शुभ ग्रह होने पर उसे बल देने के लिए पहना जाता है।
| ग्रह | चंद्र |
|---|---|
| उपरत्न | चंद्रकांत मणि |
| धातु | चाँदी |
| उंगली | कनिष्ठा |
| पहनने का दिन | सोमवार |
| मंत्र | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः |
| वज़न | परंपरागत नियम: हर 10–12 किलो शरीर के वज़न पर लगभग 1 रत्ती। केवल लैब प्रमाणपत्र के साथ खरीदें। |
मोती के लाभ
मोती चंद्र को बल देता है, जो मन, माता, भावनाएँ और शांति का कारक है। यह तब सहायक है जब आपकी कुंडली में चंद्र शुभ भावों (लग्न, 5वाँ या 9वाँ) का स्वामी हो और कमज़ोर हो; यदि चंद्र 6, 8 या 12वें भाव का स्वामी हो तो उसे बल देना हानि कर सकता है।
अभिमंत्रित करें
पहली सुबह कच्चे दूध और गंगाजल से धोएँ, दीपक जलाएँ, ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः का 108 बार जप करें, फिर धारण करें।
लग्न अनुसार मोती कौन पहने
| मेष | पहले ज्योतिषी से पूछें |
| वृषभ | न पहनें |
| मिथुन | न पहनें |
| कर्क | आपके अनुकूल |
| सिंह | न पहनें |
| कन्या | न पहनें |
| तुला | पहले ज्योतिषी से पूछें |
| वृश्चिक | आपके अनुकूल |
| धनु | न पहनें |
| मकर | न पहनें |
| कुम्भ | न पहनें |
| मीन | आपके अनुकूल |
रत्न तभी काम करते हैं जब वे प्राकृतिक हों और कुंडली के अनुकूल हों। दुकान के लिंक केवल प्रमाणित रत्न खोजने में मदद के लिए खोज पेज हैं; हम रत्न नहीं बेचते।
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