राशि में ग्रह
कुम्भ (कुंभ) में शनि: अर्थ और फल
शनि अपनी राशि कुम्भ में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।
| बल (अवस्था) | स्वराशि (बलवान) |
|---|---|
| स्वामी | शनि |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | स्थिर |
| गोचर | शनि अगली बार 25 फ़रवरी 2052 से 14 मई 2054 तक कुम्भ में होंगे। |
आपकी कुंडली में कुम्भ में शनि
शनि अपनी राशि कुम्भ में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।
शनि अनुशासन, करियर, सहनशक्ति और आयु के कारक हैं। कुम्भ में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कुंभ चंद्र स्वतंत्र, मानवतावादी और मौलिक मन देता है।
वायु राशि में शनि विचारों, संवाद और संबंधों के माध्यम से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए कुम्भ में शनि
| लग्न | भाव | स्वामी भाव |
|---|---|---|
| मेष | भाव 11 (लाभ, आय और मित्र) | भाव 10, 11 के स्वामी |
| वृषभ | भाव 10 (करियर, पद और कर्म) | भाव 9, 10 के स्वामी |
| मिथुन | भाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा) | भाव 8, 9 के स्वामी |
| कर्क | भाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ) | भाव 7, 8 के स्वामी |
| सिंह | भाव 7 (विवाह और साझेदारी) | भाव 6, 7 के स्वामी |
| कन्या | भाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा) | भाव 5, 6 के स्वामी |
| तुला | भाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता) | भाव 4, 5 के स्वामी |
| वृश्चिक | भाव 4 (घर, माता और सुख) | भाव 3, 4 के स्वामी |
| धनु | भाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम) | भाव 2, 3 के स्वामी |
| मकर | भाव 2 (धन, परिवार और वाणी) | भाव 1, 2 के स्वामी |
| कुम्भ | भाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व) | भाव 1, 12 के स्वामी |
| मीन | भाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष) | भाव 11, 12 के स्वामी |
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि शनि कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कुम्भ में शनि शुभ है?
शनि अपनी राशि कुम्भ में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।
कुम्भ में शनि का क्या अर्थ है?
शनि अनुशासन, करियर, सहनशक्ति और आयु के कारक हैं। कुम्भ में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कुंभ चंद्र स्वतंत्र, मानवतावादी और मौलिक मन देता है।
शनि कुम्भ में कब होंगे?
शनि अगली बार 25 फ़रवरी 2052 से 14 मई 2054 तक कुम्भ में होंगे।