राशि में ग्रह
कुम्भ (कुंभ) में केतु: अर्थ और फल
केतु सम राशि में हैं: कुम्भ के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
| बल (अवस्था) | सम राशि |
|---|---|
| स्वामी | शनि |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | स्थिर |
| गोचर | केतु अगली बार 5 सितंबर 2034 से 24 मार्च 2036 तक कुम्भ में होंगे। |
आपकी कुंडली में कुम्भ में केतु
केतु सम राशि में हैं: कुम्भ के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। कुम्भ में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कुंभ चंद्र स्वतंत्र, मानवतावादी और मौलिक मन देता है।
वायु राशि में केतु विचारों, संवाद और संबंधों के माध्यम से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए कुम्भ में केतु
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि केतु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कुम्भ में केतु शुभ है?
केतु सम राशि में हैं: कुम्भ के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
कुम्भ में केतु का क्या अर्थ है?
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। कुम्भ में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कुंभ चंद्र स्वतंत्र, मानवतावादी और मौलिक मन देता है।
केतु कुम्भ में कब होंगे?
केतु अगली बार 5 सितंबर 2034 से 24 मार्च 2036 तक कुम्भ में होंगे।