राशि में ग्रह
मेष (मेष) में केतु: अर्थ और फल
केतु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
| बल (अवस्था) | सम राशि |
|---|---|
| स्वामी | मंगल |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | चर |
| गोचर | केतु अगली बार 31 जुलाई 2031 से 16 फ़रवरी 2033 तक मेष में होंगे। |
आपकी कुंडली में मेष में केतु
केतु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मेष में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मेष चंद्र सक्रिय, साहसी और सीधा मन देता है जो नेतृत्व और नई शुरुआत पसंद करता है।
अग्नि राशि में केतु ऊर्जा, पहल और आत्मविश्वास से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए मेष में केतु
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि केतु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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क्या मेष में केतु शुभ है?
केतु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
मेष में केतु का क्या अर्थ है?
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मेष में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मेष चंद्र सक्रिय, साहसी और सीधा मन देता है जो नेतृत्व और नई शुरुआत पसंद करता है।
केतु मेष में कब होंगे?
केतु अगली बार 31 जुलाई 2031 से 16 फ़रवरी 2033 तक मेष में होंगे।