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मीन (मीन) में केतु: अर्थ और फल

केतु सम राशि में हैं: मीन के स्वामी गुरु हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

बल (अवस्था)सम राशि
स्वामीगुरु
तत्वजल
स्वभावद्विस्वभाव
गोचरकेतु अगली बार 16 फ़रवरी 2033 से 5 सितंबर 2034 तक मीन में होंगे।

आपकी कुंडली में मीन में केतु

केतु सम राशि में हैं: मीन के स्वामी गुरु हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मीन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मीन चंद्र कोमल, कल्पनाशील, सहज-ज्ञानी और करुणामय स्वभाव देता है।

जल राशि में केतु भावना, अंतर्ज्ञान और देखभाल के माध्यम से काम करते हैं।

हर लग्न के लिए मीन में केतु

लग्नभावस्वामी भाव
मेषभाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष)—
वृषभभाव 11 (लाभ, आय और मित्र)—
मिथुनभाव 10 (करियर, पद और कर्म)—
कर्कभाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा)—
सिंहभाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ)—
कन्याभाव 7 (विवाह और साझेदारी)—
तुलाभाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा)—
वृश्चिकभाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता)—
धनुभाव 4 (घर, माता और सुख)—
मकरभाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम)—
कुम्भभाव 2 (धन, परिवार और वाणी)—
मीनभाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व)—

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में देखें कि केतु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मीन में केतु शुभ है?
केतु सम राशि में हैं: मीन के स्वामी गुरु हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
मीन में केतु का क्या अर्थ है?
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मीन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मीन चंद्र कोमल, कल्पनाशील, सहज-ज्ञानी और करुणामय स्वभाव देता है।
केतु मीन में कब होंगे?
केतु अगली बार 16 फ़रवरी 2033 से 5 सितंबर 2034 तक मीन में होंगे।

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