राशि में ग्रह
मकर (मकर) में केतु: अर्थ और फल
केतु सम राशि में हैं: मकर के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
| बल (अवस्था) | सम राशि |
|---|---|
| स्वामी | शनि |
| तत्व | पृथ्वी |
| स्वभाव | चर |
| गोचर | केतु अगली बार 24 मार्च 2036 से 11 अक्टूबर 2037 तक मकर में होंगे। |
आपकी कुंडली में मकर में केतु
केतु सम राशि में हैं: मकर के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मकर में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मकर चंद्र गंभीर, अनुशासित और महत्वाकांक्षी मन देता है।
पृथ्वी राशि में केतु व्यावहारिक, स्थिर और भौतिक तरीके से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए मकर में केतु
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि केतु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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क्या मकर में केतु शुभ है?
केतु सम राशि में हैं: मकर के स्वामी शनि हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
मकर में केतु का क्या अर्थ है?
केतु वैराग्य, अंतर्ज्ञान, अध्यात्म और पूर्व कर्म के कारक हैं। मकर में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मकर चंद्र गंभीर, अनुशासित और महत्वाकांक्षी मन देता है।
केतु मकर में कब होंगे?
केतु अगली बार 24 मार्च 2036 से 11 अक्टूबर 2037 तक मकर में होंगे।