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मेष (मेष) में राहु: अर्थ और फल
राहु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
| बल (अवस्था) | सम राशि |
|---|---|
| स्वामी | मंगल |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | चर |
| गोचर | राहु अगली बार 17 नवंबर 2040 से 6 जून 2042 तक मेष में होंगे। |
आपकी कुंडली में मेष में राहु
राहु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। मेष में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मेष चंद्र सक्रिय, साहसी और सीधा मन देता है जो नेतृत्व और नई शुरुआत पसंद करता है।
अग्नि राशि में राहु ऊर्जा, पहल और आत्मविश्वास से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए मेष में राहु
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि राहु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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क्या मेष में राहु शुभ है?
राहु सम राशि में हैं: मेष के स्वामी मंगल हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
मेष में राहु का क्या अर्थ है?
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। मेष में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मेष चंद्र सक्रिय, साहसी और सीधा मन देता है जो नेतृत्व और नई शुरुआत पसंद करता है।
राहु मेष में कब होंगे?
राहु अगली बार 17 नवंबर 2040 से 6 जून 2042 तक मेष में होंगे।