राशि में ग्रह
वृश्चिक (वृश्चिक) में राहु: अर्थ और फल
राहु वृश्चिक में नीच के हैं: उनकी सबसे कमज़ोर राशि। उनके विषयों में अधिक मेहनत लगती है, हालाँकि बलवान मंगल या उच्च ग्रह द्वारा नीचभंग इसे बड़ी शक्ति में बदल सकता है।
| बल (अवस्था) | नीच (कमज़ोर) |
|---|---|
| स्वामी | मंगल |
| तत्व | जल |
| स्वभाव | स्थिर |
| गोचर | राहु अगली बार 11 जनवरी 2030 से 31 जुलाई 2031 तक वृश्चिक में होंगे। |
आपकी कुंडली में वृश्चिक में राहु
राहु वृश्चिक में नीच के हैं: उनकी सबसे कमज़ोर राशि। उनके विषयों में अधिक मेहनत लगती है, हालाँकि बलवान मंगल या उच्च ग्रह द्वारा नीचभंग इसे बड़ी शक्ति में बदल सकता है।
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। वृश्चिक में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: वृश्चिक चंद्रमा की नीच राशि है, जो तीव्र, निजी और प्रबल भावनाएँ देती है।
जल राशि में राहु भावना, अंतर्ज्ञान और देखभाल के माध्यम से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए वृश्चिक में राहु
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि राहु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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क्या वृश्चिक में राहु शुभ है?
राहु वृश्चिक में नीच के हैं: उनकी सबसे कमज़ोर राशि। उनके विषयों में अधिक मेहनत लगती है, हालाँकि बलवान मंगल या उच्च ग्रह द्वारा नीचभंग इसे बड़ी शक्ति में बदल सकता है।
वृश्चिक में राहु का क्या अर्थ है?
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। वृश्चिक में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: वृश्चिक चंद्रमा की नीच राशि है, जो तीव्र, निजी और प्रबल भावनाएँ देती है।
राहु वृश्चिक में कब होंगे?
राहु अगली बार 11 जनवरी 2030 से 31 जुलाई 2031 तक वृश्चिक में होंगे।