ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

राशि में ग्रह

मिथुन (मिथुन) में राहु: अर्थ और फल

राहु सम राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

बल (अवस्था)सम राशि
स्वामीबुध
तत्ववायु
स्वभावद्विस्वभाव
गोचरराहु अगली बार 11 अक्टूबर 2037 से 30 अप्रैल 2039 तक मिथुन में होंगे।

आपकी कुंडली में मिथुन में राहु

राहु सम राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। मिथुन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मिथुन चंद्र जिज्ञासु, विनोदी और चंचल मन देता है जिसे बातचीत, सीखना और विविधता पसंद है।

वायु राशि में राहु विचारों, संवाद और संबंधों के माध्यम से काम करते हैं।

हर लग्न के लिए मिथुन में राहु

लग्नभावस्वामी भाव
मेषभाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम)—
वृषभभाव 2 (धन, परिवार और वाणी)—
मिथुनभाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व)—
कर्कभाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष)—
सिंहभाव 11 (लाभ, आय और मित्र)—
कन्याभाव 10 (करियर, पद और कर्म)—
तुलाभाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा)—
वृश्चिकभाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ)—
धनुभाव 7 (विवाह और साझेदारी)—
मकरभाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा)—
कुम्भभाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता)—
मीनभाव 4 (घर, माता और सुख)—

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में देखें कि राहु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
मेरी कुंडली बनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मिथुन में राहु शुभ है?
राहु सम राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
मिथुन में राहु का क्या अर्थ है?
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। मिथुन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मिथुन चंद्र जिज्ञासु, विनोदी और चंचल मन देता है जिसे बातचीत, सीखना और विविधता पसंद है।
राहु मिथुन में कब होंगे?
राहु अगली बार 11 अक्टूबर 2037 से 30 अप्रैल 2039 तक मिथुन में होंगे।

अन्य राशियों में राहु

मिथुन में अन्य ग्रह