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कर्क (कर्क) में राहु: अर्थ और फल

राहु सम राशि में हैं: कर्क के स्वामी चंद्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

बल (अवस्था)सम राशि
स्वामीचंद्र
तत्वजल
स्वभावचर
गोचरराहु अगली बार 24 मार्च 2036 से 11 अक्टूबर 2037 तक कर्क में होंगे।

आपकी कुंडली में कर्क में राहु

राहु सम राशि में हैं: कर्क के स्वामी चंद्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। कर्क में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कर्क चंद्रमा की अपनी राशि है: संवेदनशील, देखभाल करने वाली और घर, माँ व परिवार से गहराई से जुड़ी।

जल राशि में राहु भावना, अंतर्ज्ञान और देखभाल के माध्यम से काम करते हैं।

हर लग्न के लिए कर्क में राहु

लग्नभावस्वामी भाव
मेषभाव 4 (घर, माता और सुख)—
वृषभभाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम)—
मिथुनभाव 2 (धन, परिवार और वाणी)—
कर्कभाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व)—
सिंहभाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष)—
कन्याभाव 11 (लाभ, आय और मित्र)—
तुलाभाव 10 (करियर, पद और कर्म)—
वृश्चिकभाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा)—
धनुभाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ)—
मकरभाव 7 (विवाह और साझेदारी)—
कुम्भभाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा)—
मीनभाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता)—

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में देखें कि राहु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कर्क में राहु शुभ है?
राहु सम राशि में हैं: कर्क के स्वामी चंद्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
कर्क में राहु का क्या अर्थ है?
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। कर्क में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: कर्क चंद्रमा की अपनी राशि है: संवेदनशील, देखभाल करने वाली और घर, माँ व परिवार से गहराई से जुड़ी।
राहु कर्क में कब होंगे?
राहु अगली बार 24 मार्च 2036 से 11 अक्टूबर 2037 तक कर्क में होंगे।

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