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तुला (तुला) में राहु: अर्थ और फल

राहु सम राशि में हैं: तुला के स्वामी शुक्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

बल (अवस्था)सम राशि
स्वामीशुक्र
तत्ववायु
स्वभावचर
गोचरराहु अगली बार 31 जुलाई 2031 से 16 फ़रवरी 2033 तक तुला में होंगे।

आपकी कुंडली में तुला में राहु

राहु सम राशि में हैं: तुला के स्वामी शुक्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।

राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। तुला में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: तुला चंद्र संतुलित, परिष्कृत और कूटनीतिक मन देता है जो सामंजस्य और साझेदारी चाहता है।

वायु राशि में राहु विचारों, संवाद और संबंधों के माध्यम से काम करते हैं।

हर लग्न के लिए तुला में राहु

लग्नभावस्वामी भाव
मेषभाव 7 (विवाह और साझेदारी)—
वृषभभाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा)—
मिथुनभाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता)—
कर्कभाव 4 (घर, माता और सुख)—
सिंहभाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम)—
कन्याभाव 2 (धन, परिवार और वाणी)—
तुलाभाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व)—
वृश्चिकभाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष)—
धनुभाव 11 (लाभ, आय और मित्र)—
मकरभाव 10 (करियर, पद और कर्म)—
कुम्भभाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा)—
मीनभाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ)—

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में देखें कि राहु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तुला में राहु शुभ है?
राहु सम राशि में हैं: तुला के स्वामी शुक्र हैं। उनके फल मुख्यतः भाव और दृष्टियों पर निर्भर करते हैं।
तुला में राहु का क्या अर्थ है?
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा के कारक हैं। तुला में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: तुला चंद्र संतुलित, परिष्कृत और कूटनीतिक मन देता है जो सामंजस्य और साझेदारी चाहता है।
राहु तुला में कब होंगे?
राहु अगली बार 31 जुलाई 2031 से 16 फ़रवरी 2033 तक तुला में होंगे।

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