भावों में ग्रह · दुःस्थान
आठवें भाव में राहु
North node · आयु भाव
राहु महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक और इच्छा का कारक है। आठवें भाव, जिसे आयु भाव कहते हैं, आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ को दर्शाता है। जब राहु यहाँ होता है, तो इन विषयों पर उसका रंग चढ़ता है।
आठवें भाव में पाप ग्रह अचानक घटनाएँ और छिपी चिंताएँ ला सकता है, पर सहनशक्ति और गहराई भी देता है।
आठवें भाव दुःस्थान (कठिनाई का भाव) है, इसलिए यहाँ फल चुनौतियों से होकर आते हैं और सजगता चाहिए।
राहु छाया ग्रह है और राशि स्वामी व साथ बैठे ग्रहों के फल देता है; वृषभ में इसे बलवान माना जाता है।
यदि राहु वृश्चिक में नीच, अस्त या पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो फल कमज़ोर होते हैं।
गोचर में
जब राहु आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में गोचर करता है, तो पारंपरिक रूप से उस समय अधिक सावधानी चाहिए।
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।