राशि में ग्रह
मिथुन (मिथुन) में गुरु: अर्थ और फल
गुरु शत्रु राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं, जो गुरु के शत्रु हैं, इसलिए उनके फल टकराव के साथ आते हैं और मेहनत माँगते हैं।
| बल (अवस्था) | शत्रु राशि |
|---|---|
| स्वामी | बुध |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| गोचर | गुरु अगली बार 10 सितंबर 2036 से 17 नवंबर 2036 तक मिथुन में होंगे। |
आपकी कुंडली में मिथुन में गुरु
गुरु शत्रु राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं, जो गुरु के शत्रु हैं, इसलिए उनके फल टकराव के साथ आते हैं और मेहनत माँगते हैं।
गुरु ज्ञान, संतान, धन और सौभाग्य के कारक हैं। मिथुन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मिथुन चंद्र जिज्ञासु, विनोदी और चंचल मन देता है जिसे बातचीत, सीखना और विविधता पसंद है।
वायु राशि में गुरु विचारों, संवाद और संबंधों के माध्यम से काम करते हैं।
हर लग्न के लिए मिथुन में गुरु
| लग्न | भाव | स्वामी भाव |
|---|---|---|
| मेष | भाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम) | भाव 9, 12 के स्वामी |
| वृषभ | भाव 2 (धन, परिवार और वाणी) | भाव 8, 11 के स्वामी |
| मिथुन | भाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व) | भाव 7, 10 के स्वामी |
| कर्क | भाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष) | भाव 6, 9 के स्वामी |
| सिंह | भाव 11 (लाभ, आय और मित्र) | भाव 5, 8 के स्वामी |
| कन्या | भाव 10 (करियर, पद और कर्म) | भाव 4, 7 के स्वामी |
| तुला | भाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा) | भाव 3, 6 के स्वामी |
| वृश्चिक | भाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ) | भाव 2, 5 के स्वामी |
| धनु | भाव 7 (विवाह और साझेदारी) | भाव 1, 4 के स्वामी |
| मकर | भाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा) | भाव 3, 12 के स्वामी |
| कुम्भ | भाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता) | भाव 2, 11 के स्वामी |
| मीन | भाव 4 (घर, माता और सुख) | भाव 1, 10 के स्वामी |
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
अपनी कुंडली में देखें कि गुरु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मिथुन में गुरु शुभ है?
गुरु शत्रु राशि में हैं: मिथुन के स्वामी बुध हैं, जो गुरु के शत्रु हैं, इसलिए उनके फल टकराव के साथ आते हैं और मेहनत माँगते हैं।
मिथुन में गुरु का क्या अर्थ है?
गुरु ज्ञान, संतान, धन और सौभाग्य के कारक हैं। मिथुन में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: मिथुन चंद्र जिज्ञासु, विनोदी और चंचल मन देता है जिसे बातचीत, सीखना और विविधता पसंद है।
गुरु मिथुन में कब होंगे?
गुरु अगली बार 10 सितंबर 2036 से 17 नवंबर 2036 तक मिथुन में होंगे।