ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

राशि में ग्रह

धनु (धनु) में गुरु: अर्थ और फल

गुरु अपनी राशि धनु में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।

बल (अवस्था)स्वराशि (बलवान)
स्वामीगुरु
तत्वअग्नि
स्वभावद्विस्वभाव
गोचरगुरु अगली बार 17 फ़रवरी 2031 से 14 जून 2031 तक धनु में होंगे।

आपकी कुंडली में धनु में गुरु

गुरु अपनी राशि धनु में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।

गुरु ज्ञान, संतान, धन और सौभाग्य के कारक हैं। धनु में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: धनु चंद्र आशावादी, दार्शनिक और स्वतंत्रता-प्रेमी मन देता है।

अग्नि राशि में गुरु ऊर्जा, पहल और आत्मविश्वास से काम करते हैं।

हर लग्न के लिए धनु में गुरु

लग्नभावस्वामी भाव
मेषभाव 9 (भाग्य, धर्म, पिता और उच्च शिक्षा)भाव 9, 12 के स्वामी
वृषभभाव 8 (आयु, रहस्य और अचानक घटनाएँ)भाव 8, 11 के स्वामी
मिथुनभाव 7 (विवाह और साझेदारी)भाव 7, 10 के स्वामी
कर्कभाव 6 (शत्रु, ऋण, स्वास्थ्य और सेवा)भाव 6, 9 के स्वामी
सिंहभाव 5 (संतान, बुद्धि और रचनात्मकता)भाव 5, 8 के स्वामी
कन्याभाव 4 (घर, माता और सुख)भाव 4, 7 के स्वामी
तुलाभाव 3 (साहस, भाई-बहन और पराक्रम)भाव 3, 6 के स्वामी
वृश्चिकभाव 2 (धन, परिवार और वाणी)भाव 2, 5 के स्वामी
धनुभाव 1 (स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व)भाव 1, 4 के स्वामी
मकरभाव 12 (व्यय, विदेश और मोक्ष)भाव 3, 12 के स्वामी
कुम्भभाव 11 (लाभ, आय और मित्र)भाव 2, 11 के स्वामी
मीनभाव 10 (करियर, पद और कर्म)भाव 1, 10 के स्वामी

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में देखें कि गुरु कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं।
मेरी कुंडली बनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या धनु में गुरु शुभ है?
गुरु अपनी राशि धनु में हैं: सहज और बलवान, और अपने स्वामित्व वाले भावों के विषयों की रक्षा करते हैं।
धनु में गुरु का क्या अर्थ है?
गुरु ज्ञान, संतान, धन और सौभाग्य के कारक हैं। धनु में ये विषय राशि का रंग लेते हैं: धनु चंद्र आशावादी, दार्शनिक और स्वतंत्रता-प्रेमी मन देता है।
गुरु धनु में कब होंगे?
गुरु अगली बार 17 फ़रवरी 2031 से 14 जून 2031 तक धनु में होंगे।

अन्य राशियों में गुरु

धनु में अन्य ग्रह