राहु काल
आज का राहु काल – जालंधर
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
राहु काल09:26 – 10:48नया कार्य शुरू न करें
यमगण्ड13:33 – 14:55अशुभ
गुलिक काल06:42 – 08:04नई शुरुआत के लिए अशुभ
अभिजीत मुहूर्त11:49 – 12:33मध्याह्न, अधिकांश कार्यों के लिए शुभ
सूर्योदय06:42
सूर्यास्त17:39
अगले 7 दिनों का राहु काल, यमगंड और गुलिक
| तारीख | राहु काल | यमगण्ड | गुलिक काल |
|---|---|---|---|
| 31 अक्टू॰ शनि | 09:26 – 10:48 | 13:33 – 14:55 | 06:42 – 08:04 |
| 1 नव॰ रवि | 16:17 – 17:39 | 12:11 – 13:33 | 14:55 – 16:17 |
| 2 नव॰ सोम | 08:05 – 09:27 | 10:49 – 12:11 | 13:32 – 14:54 |
| 3 नव॰ मंगल | 14:54 – 16:15 | 09:27 – 10:49 | 12:11 – 13:32 |
| 4 नव॰ बुध | 12:11 – 13:32 | 08:06 – 09:28 | 10:49 – 12:11 |
| 5 नव॰ गुरु | 13:32 – 14:53 | 06:46 – 08:07 | 09:28 – 10:49 |
| 6 नव॰ शुक्र | 10:50 – 12:11 | 14:53 – 16:14 | 08:08 – 09:29 |
राहु काल क्या है?
राहु काल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, जिसका स्वामी राहु है। दिन में इसका स्थान वार पर निर्भर करता है: सोमवार को दूसरा भाग, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त ऋतु और शहर के साथ बदलते हैं, इसलिए राहु काल हर शहर और हर दिन अलग होता है। यमगंड और गुलिक भी इसी तरह निकाले जाने वाले दो और अशुभ काल हैं।
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पंचांग खोलेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जालंधर में आज राहु काल कब है?
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को {c} में राहु काल 09:26 – 10:48 है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा से इस समय नई शुरुआत टाली जाती है: यात्रा, व्यापार, खरीदारी, इंटरव्यू या कोई संस्कार। पहले से चल रहा काम और दिनचर्या जारी रख सकते हैं।
जालंधर में आज यमगंड और गुलिक कब हैं?
यमगंड 13:33 – 14:55 और गुलिक काल 06:42 – 08:04 है।
क्या राहु काल हर जगह एक जैसा होता है?
नहीं। यह स्थानीय दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त और ऋतु के साथ बदलता है।
सभी समय जालंधर के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में हैं, जो शहर के सटीक अक्षांश और देशांतर से निकाले गए हैं।