वक्री ग्रह
मंगल वक्री 2027: तिथियाँ और अर्थ
मंगल 2027 में 1 बार वक्री होंगे। तिथियाँ भारतीय समय में हैं; राशि निरयण (लाहिड़ी) है।
| वक्री आरंभ | मार्गी | दिन | राशि |
|---|---|---|---|
| 10 जनवरी 2027 | 1 अप्रैल 2027 | 81 | सिंह → कर्क |
मंगल वक्री का अर्थ
मंगल ऊर्जा, साहस, संपत्ति, शल्य और संघर्ष के कारक हैं। वक्री मंगल यह ऊर्जा भीतर मोड़ते हैं: झुंझलाहट, संपत्ति व कानूनी मामलों में देरी, और झगड़े जो भड़ककर लौटते हैं। नए झगड़ों के बजाय अधूरे काम पर मेहनत बेहतर।
क्या करें और क्या न करें
टल सकने वाली सर्जरी, संपत्ति विवाद और जल्दबाज़ी में ड्राइविंग से बचें। ऊर्जा व्यायाम में लगाएँ। मंगलवार को हनुमान चालीसा लाभ देती है।
सूर्य, चंद्र, राहु और केतु सामान्य अर्थ में वक्री नहीं होते; राहु-केतु सदा उल्टी चाल चलते हैं।
अपनी जन्म कुंडली पर गोचर देखें, आने वाले महीनों की समयरेखा के साथ।
ग्रहण और वक्री ग्रहअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में मंगल वक्री कब हैं?
10 जनवरी 2027 – 1 अप्रैल 2027
मंगल वक्री का क्या अर्थ है?
मंगल ऊर्जा, साहस, संपत्ति, शल्य और संघर्ष के कारक हैं। वक्री मंगल यह ऊर्जा भीतर मोड़ते हैं: झुंझलाहट, संपत्ति व कानूनी मामलों में देरी, और झगड़े जो भड़ककर लौटते हैं। नए झगड़ों के बजाय अधूरे काम पर मेहनत बेहतर।
मंगल वक्री में क्या करना चाहिए?
टल सकने वाली सर्जरी, संपत्ति विवाद और जल्दबाज़ी में ड्राइविंग से बचें। ऊर्जा व्यायाम में लगाएँ। मंगलवार को हनुमान चालीसा लाभ देती है।