वक्री ग्रह
बुध वक्री 2027: तिथियाँ और अर्थ
बुध 2027 में 3 बार वक्री होंगे। तिथियाँ भारतीय समय में हैं; राशि निरयण (लाहिड़ी) है।
| वक्री आरंभ | मार्गी | दिन | राशि |
|---|---|---|---|
| 9 फ़रवरी 2027 | 3 मार्च 2027 | 22 | कुम्भ → मकर |
| 10 जून 2027 | 5 जुलाई 2027 | 24 | मिथुन |
| 7 अक्टूबर 2027 | 28 अक्टूबर 2027 | 21 | तुला → कन्या |
बुध वक्री का अर्थ
बुध वाणी, अनुबंध, व्यापार, यात्रा और उपकरणों के कारक हैं। वक्री होने पर बातचीत में गलतफहमी, योजनाओं में चूक और पुराने मामले लौटते हैं। यह संशोधन, मरम्मत और पुनः संपर्क का अच्छा समय है, नए अनुबंध या इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने का कमज़ोर समय।
क्या करें और क्या न करें
डेटा का बैकअप लें, हर दस्तावेज़ दो बार पढ़ें और हो सके तो बड़े अनुबंध या गैजेट की खरीद टालें। बुधवार को बुध मंत्र जपें और पुराने काम पूरे करें।
सूर्य, चंद्र, राहु और केतु सामान्य अर्थ में वक्री नहीं होते; राहु-केतु सदा उल्टी चाल चलते हैं।
अपनी जन्म कुंडली पर गोचर देखें, आने वाले महीनों की समयरेखा के साथ।
ग्रहण और वक्री ग्रहअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में बुध वक्री कब हैं?
9 फ़रवरी 2027 – 3 मार्च 2027, 10 जून 2027 – 5 जुलाई 2027, और 7 अक्टूबर 2027 – 28 अक्टूबर 2027
बुध वक्री का क्या अर्थ है?
बुध वाणी, अनुबंध, व्यापार, यात्रा और उपकरणों के कारक हैं। वक्री होने पर बातचीत में गलतफहमी, योजनाओं में चूक और पुराने मामले लौटते हैं। यह संशोधन, मरम्मत और पुनः संपर्क का अच्छा समय है, नए अनुबंध या इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने का कमज़ोर समय।
बुध वक्री में क्या करना चाहिए?
डेटा का बैकअप लें, हर दस्तावेज़ दो बार पढ़ें और हो सके तो बड़े अनुबंध या गैजेट की खरीद टालें। बुधवार को बुध मंत्र जपें और पुराने काम पूरे करें।