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बुध वक्री 2026: तिथियाँ और अर्थ

बुध 2026 में 3 बार वक्री होंगे। तिथियाँ भारतीय समय में हैं; राशि निरयण (लाहिड़ी) है।

वक्री आरंभमार्गीदिनराशि
26 फ़रवरी 202621 मार्च 202623कुम्भ
29 जून 202624 जुलाई 202624कर्क → मिथुन
24 अक्टूबर 202613 नवंबर 202620तुला

बुध वक्री का अर्थ

बुध वाणी, अनुबंध, व्यापार, यात्रा और उपकरणों के कारक हैं। वक्री होने पर बातचीत में गलतफहमी, योजनाओं में चूक और पुराने मामले लौटते हैं। यह संशोधन, मरम्मत और पुनः संपर्क का अच्छा समय है, नए अनुबंध या इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने का कमज़ोर समय।

क्या करें और क्या न करें

डेटा का बैकअप लें, हर दस्तावेज़ दो बार पढ़ें और हो सके तो बड़े अनुबंध या गैजेट की खरीद टालें। बुधवार को बुध मंत्र जपें और पुराने काम पूरे करें।

सूर्य, चंद्र, राहु और केतु सामान्य अर्थ में वक्री नहीं होते; राहु-केतु सदा उल्टी चाल चलते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में बुध वक्री कब हैं?
26 फ़रवरी 2026 – 21 मार्च 2026, 29 जून 2026 – 24 जुलाई 2026, और 24 अक्टूबर 2026 – 13 नवंबर 2026
बुध वक्री का क्या अर्थ है?
बुध वाणी, अनुबंध, व्यापार, यात्रा और उपकरणों के कारक हैं। वक्री होने पर बातचीत में गलतफहमी, योजनाओं में चूक और पुराने मामले लौटते हैं। यह संशोधन, मरम्मत और पुनः संपर्क का अच्छा समय है, नए अनुबंध या इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने का कमज़ोर समय।
बुध वक्री में क्या करना चाहिए?
डेटा का बैकअप लें, हर दस्तावेज़ दो बार पढ़ें और हो सके तो बड़े अनुबंध या गैजेट की खरीद टालें। बुधवार को बुध मंत्र जपें और पुराने काम पूरे करें।

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