उपवास
संकष्टी चतुर्थी 2026: तिथियाँ और चंद्रोदय
2026 की सभी 12 संकष्टी चतुर्थी, चंद्रोदय के समय के साथ, जब चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।
| तारीख | व्रत | चंद्रोदय |
|---|---|---|
| 6 जन॰ मंगल | अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पौष | 20:55 |
| 5 फ़र॰ गुरु | संकष्टी माघ | 21:35 |
| 6 मार्च शुक्र | संकष्टी फाल्गुन | 21:14 |
| 5 अप्रैल रवि | संकष्टी चैत्र | 21:54 |
| 5 मई मंगल | अंगारकी संकष्टी चतुर्थी वैशाख | 22:30 |
| 4 जून गुरु | संकष्टी ज्येष्ठ (अधिक) | 22:39 |
| 3 जुल॰ शुक्र | संकष्टी ज्येष्ठ | 21:48 |
| 2 अग॰ रवि | संकष्टी आषाढ़ | 21:20 |
| 31 अग॰ सोम | संकष्टी श्रावण | 20:25 |
| 29 सित॰ मंगल | अंगारकी संकष्टी चतुर्थी भाद्रपद | 19:39 |
| 29 अक्टू॰ गुरु | संकष्टी आश्विन | 20:12 |
| 27 नव॰ शुक्र | संकष्टी कार्तिक | 20:13 |
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व्रत ट्रैकर खोलेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कितनी संकष्टी हैं?
2026 में 12 संकष्टी हैं; तिथियों की पूरी सूची ऊपर है।
संकष्टी व्रत कब खोला जाता है?
चंद्रोदय के बाद, चंद्रमा को अर्घ्य देकर और भगवान गणेश की पूजा करके। मंगलवार को पड़े तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं और यह विशेष शुभ मानी जाती है।