शनि साढ़े साती
वृश्चिक राशि की साढ़े साती
वृश्चिक पर अभी साढ़े साती नहीं है। अगली 26 सितंबर 2041 से शुरू होगी।
सभी साढ़े साती काल
| अवधि · चरण |
|---|
| 6 अक्टू॰ 1982 – 14 दिस॰ 1990 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 6 अक्टू॰ 1982 – 21 दिस॰ 1984 शिखर (चंद्र पर) 21 दिस॰ 1984 – 31 मई 1985 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 31 मई 1985 – 17 सित॰ 1985 शिखर (चंद्र पर) 17 सित॰ 1985 – 17 दिस॰ 1987 उतरती (चंद्र से 2रा) 17 दिस॰ 1987 – 21 मार्च 1990 उतरती (चंद्र से 2रा) 20 जून 1990 – 14 दिस॰ 1990 |
| 15 नव॰ 2011 – 24 जन॰ 2020 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 15 नव॰ 2011 – 16 मई 2012 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 4 अग॰ 2012 – 2 नव॰ 2014 शिखर (चंद्र पर) 2 नव॰ 2014 – 26 जन॰ 2017 उतरती (चंद्र से 2रा) 26 जन॰ 2017 – 20 जून 2017 शिखर (चंद्र पर) 20 जून 2017 – 26 अक्टू॰ 2017 उतरती (चंद्र से 2रा) 26 अक्टू॰ 2017 – 24 जन॰ 2020 |
| 26 सित॰ 2041 – 4 दिस॰ 2049 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 26 सित॰ 2041 – 12 दिस॰ 2043 शिखर (चंद्र पर) 12 दिस॰ 2043 – 22 जून 2044 चढ़ती (चंद्र से 12वाँ) 22 जून 2044 – 30 अग॰ 2044 शिखर (चंद्र पर) 30 अग॰ 2044 – 8 दिस॰ 2046 उतरती (चंद्र से 2रा) 8 दिस॰ 2046 – 6 मार्च 2049 उतरती (चंद्र से 2रा) 9 जुल॰ 2049 – 4 दिस॰ 2049 |
शनि ढैया (कंटक और अष्टम शनि)
| अवधि | प्रकार |
|---|---|
| 23 जुल॰ 2002 – 26 मई 2005 | अष्टम शनि (चंद्र से 8वाँ) |
| 29 अप्रैल 2022 – 29 मार्च 2025 | कंटक शनि (चंद्र से 4था) |
| 31 मई 2032 – 13 जुल॰ 2034 | अष्टम शनि (चंद्र से 8वाँ) |
साढ़े साती क्या है?
साढ़े साती लगभग साढ़े सात वर्ष का वह समय है जब शनि आपकी चंद्र राशि से पहले वाली राशि, चंद्र राशि और उसके बाद वाली राशि से गुज़रता है — हर एक में लगभग ढाई वर्ष। यह लगभग हर 30 वर्ष में आती है।
यह केवल दुर्भाग्य नहीं, बल्कि परिश्रम, ज़िम्मेदारी और धीमे परिणाम का समय है; बहुत से लोग इसमें बड़ी उपलब्धियाँ पाते हैं। इसका अनुभव आपकी कुंडली में शनि की शक्ति और चल रही दशा पर निर्भर करता है। शनि ढैया चंद्र से चौथी या आठवीं राशि पर शनि का ढाई वर्ष का छोटा गोचर है।
अपनी कुंडली में साढ़े साती, दशा और शनि की शक्ति देखें।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वृश्चिक पर अभी साढ़े साती है?
वृश्चिक पर अभी साढ़े साती नहीं है। अगली 26 सितंबर 2041 से शुरू होगी।
वृश्चिक की अगली साढ़े साती कब है?
वृश्चिक की अगली साढ़े साती 26 सितंबर 2041 से 4 दिसंबर 2049 तक है।
साढ़े साती के उपाय क्या हैं?
पारंपरिक उपाय हैं हनुमान और शिव की पूजा, शनिवार को शनि मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ, पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक, बुज़ुर्गों और श्रमिकों की सेवा, और शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल या लोहे का दान।