विंशोत्तरी दशा
मंगल महादशा: फल, अंतर्दशा और उपाय
मंगल महादशा सात वर्ष की होती है और ऊर्जा, साहस, संपत्ति, भाई-बहन और प्रतियोगिता को आगे लाती है।
| अवधि | 7 वर्ष |
|---|---|
| क्रम | चंद्र के बाद और राहु से पहले |
| इसके नक्षत्र | मृगशिरा, चित्रा, और धनिष्ठा |
| मंत्र | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः |
मंगल महादशा के बारे में
मंगल महादशा सात वर्ष की होती है और ऊर्जा, साहस, संपत्ति, भाई-बहन और प्रतियोगिता को आगे लाती है। काम तेज़ी से होते हैं।
कब शुभ फल देती है
बलवान मंगल भूमि-संपत्ति, खेल, पुलिस, सेना, इंजीनियरिंग और शल्य में सफलता, साहस और शत्रुओं पर विजय देता है।
कब कठिन होती है
पीड़ित मंगल क्रोध, दुर्घटना, चोट, संपत्ति विवाद, भाई-बहनों से झगड़े और रक्त संबंधी तकलीफ़ लाता है।
मंगल महादशा में अंतर्दशाएँ
| अंतर्दशा | अवधि | सामान्य स्वरूप |
|---|---|---|
| मंगल–मंगल | 0 वर्ष 5 माह | मित्रवत |
| मंगल–राहु | 1 वर्ष 1 माह | मिश्रित |
| मंगल–गुरु | 0 वर्ष 11 माह | मित्रवत |
| मंगल–शनि | 1 वर्ष 1 माह | मिश्रित |
| मंगल–बुध | 0 वर्ष 12 माह | सावधानी |
| मंगल–केतु | 0 वर्ष 5 माह | मिश्रित |
| मंगल–शुक्र | 1 वर्ष 2 माह | मिश्रित |
| मंगल–सूर्य | 0 वर्ष 4 माह | मित्रवत |
| मंगल–चंद्र | 0 वर्ष 7 माह | मित्रवत |
स्वरूप केवल दोनों ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता दिखाता है। वास्तविक फल आपकी कुंडली में दोनों की स्थिति पर निर्भर है।
मंगल महादशा के उपाय
- ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः का 108 बार जप करें, विशेषकर मंगलवार को।
- मूंगा रत्न
- 3 मुखी रुद्राक्ष
अपनी दशा की पूरी समयरेखा हर अंतर्दशा और तिथियों के साथ देखें।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंगल महादशा कितने वर्ष की होती है?
विंशोत्तरी पद्धति में मंगल महादशा 7 वर्ष की होती है।
मंगल महादशा शुभ है या अशुभ?
बलवान मंगल भूमि-संपत्ति, खेल, पुलिस, सेना, इंजीनियरिंग और शल्य में सफलता, साहस और शत्रुओं पर विजय देता है। पीड़ित मंगल क्रोध, दुर्घटना, चोट, संपत्ति विवाद, भाई-बहनों से झगड़े और रक्त संबंधी तकलीफ़ लाता है।
मंगल महादशा के उपाय क्या हैं?
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः का जप करें, विशेषकर मंगलवार को; रत्न तभी पहनें जब लग्न के अनुकूल हो; और ग्रह से जुड़ा दान करें।