विंशोत्तरी दशा
शुक्र महादशा: फल, अंतर्दशा और उपाय
शुक्र महादशा सबसे लंबी, बीस वर्ष की होती है और प्रेम, विवाह, सुख-सुविधा, वाहन, कला और सौंदर्य जीवन में लाती है।
| अवधि | 20 वर्ष |
|---|---|
| क्रम | केतु के बाद और सूर्य से पहले |
| इसके नक्षत्र | भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, और पूर्वाषाढ़ा |
| मंत्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः |
शुक्र महादशा के बारे में
शुक्र महादशा सबसे लंबी, बीस वर्ष की होती है और प्रेम, विवाह, सुख-सुविधा, वाहन, कला और सौंदर्य जीवन में लाती है।
कब शुभ फल देती है
बलवान शुक्र सुखी विवाह, विलासिता, वाहन, सुंदर घर और कला, फैशन व मनोरंजन में सफलता देता है।
कब कठिन होती है
पीड़ित शुक्र रिश्तों में परेशानी, अधिक खर्च, भोग-विलास और गुर्दे या प्रजनन संबंधी तकलीफ़ लाता है।
शुक्र महादशा में अंतर्दशाएँ
| अंतर्दशा | अवधि | सामान्य स्वरूप |
|---|---|---|
| शुक्र–शुक्र | 3 वर्ष 4 माह | मित्रवत |
| शुक्र–सूर्य | 1 वर्ष 0 माह | सावधानी |
| शुक्र–चंद्र | 1 वर्ष 8 माह | सावधानी |
| शुक्र–मंगल | 1 वर्ष 2 माह | मिश्रित |
| शुक्र–राहु | 3 वर्ष 0 माह | मिश्रित |
| शुक्र–गुरु | 2 वर्ष 8 माह | मिश्रित |
| शुक्र–शनि | 3 वर्ष 2 माह | मित्रवत |
| शुक्र–बुध | 2 वर्ष 10 माह | मित्रवत |
| शुक्र–केतु | 1 वर्ष 2 माह | मिश्रित |
स्वरूप केवल दोनों ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता दिखाता है। वास्तविक फल आपकी कुंडली में दोनों की स्थिति पर निर्भर है।
शुक्र महादशा के उपाय
- ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का 108 बार जप करें, विशेषकर शुक्रवार को।
- हीरा रत्न
- 6 मुखी रुद्राक्ष
अपनी दशा की पूरी समयरेखा हर अंतर्दशा और तिथियों के साथ देखें।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शुक्र महादशा कितने वर्ष की होती है?
विंशोत्तरी पद्धति में शुक्र महादशा 20 वर्ष की होती है।
शुक्र महादशा शुभ है या अशुभ?
बलवान शुक्र सुखी विवाह, विलासिता, वाहन, सुंदर घर और कला, फैशन व मनोरंजन में सफलता देता है। पीड़ित शुक्र रिश्तों में परेशानी, अधिक खर्च, भोग-विलास और गुर्दे या प्रजनन संबंधी तकलीफ़ लाता है।
शुक्र महादशा के उपाय क्या हैं?
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का जप करें, विशेषकर शुक्रवार को; रत्न तभी पहनें जब लग्न के अनुकूल हो; और ग्रह से जुड़ा दान करें।