विंशोत्तरी दशा
राहु महादशा: फल, अंतर्दशा और उपाय
राहु महादशा अठारह वर्ष की होती है और अचानक उन्नति, विदेश से जुड़ाव, तकनीक, महत्वाकांक्षा और अलग रास्ते लाती है।
| अवधि | 18 वर्ष |
|---|---|
| क्रम | मंगल के बाद और गुरु से पहले |
| इसके नक्षत्र | आर्द्रा, स्वाति, और शतभिषा |
| मंत्र | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः |
राहु महादशा के बारे में
राहु महादशा अठारह वर्ष की होती है और अचानक उन्नति, विदेश से जुड़ाव, तकनीक, महत्वाकांक्षा और अलग रास्ते लाती है।
कब शुभ फल देती है
अच्छी स्थिति में राहु (भाव 3, 6, 10, 11 में) अचानक सफलता, विदेश यात्रा या बसावट, प्रसिद्धि, राजनीति और तकनीक से लाभ देता है।
कब कठिन होती है
पीड़ित राहु भ्रम, भय, धोखा, लत, कानूनी परेशानी और अचानक हानि लाता है।
राहु महादशा में अंतर्दशाएँ
| अंतर्दशा | अवधि | सामान्य स्वरूप |
|---|---|---|
| राहु–राहु | 2 वर्ष 8 माह | मित्रवत |
| राहु–गुरु | 2 वर्ष 5 माह | मिश्रित |
| राहु–शनि | 2 वर्ष 10 माह | मिश्रित |
| राहु–बुध | 2 वर्ष 7 माह | मिश्रित |
| राहु–केतु | 1 वर्ष 1 माह | मिश्रित |
| राहु–शुक्र | 3 वर्ष 0 माह | मिश्रित |
| राहु–सूर्य | 0 वर्ष 11 माह | मिश्रित |
| राहु–चंद्र | 1 वर्ष 6 माह | मिश्रित |
| राहु–मंगल | 1 वर्ष 1 माह | मिश्रित |
स्वरूप केवल दोनों ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता दिखाता है। वास्तविक फल आपकी कुंडली में दोनों की स्थिति पर निर्भर है।
राहु महादशा के उपाय
- ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः का 108 बार जप करें, विशेषकर शनिवार को।
- गोमेद रत्न
- 8 मुखी रुद्राक्ष
अपनी दशा की पूरी समयरेखा हर अंतर्दशा और तिथियों के साथ देखें।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राहु महादशा कितने वर्ष की होती है?
विंशोत्तरी पद्धति में राहु महादशा 18 वर्ष की होती है।
राहु महादशा शुभ है या अशुभ?
अच्छी स्थिति में राहु (भाव 3, 6, 10, 11 में) अचानक सफलता, विदेश यात्रा या बसावट, प्रसिद्धि, राजनीति और तकनीक से लाभ देता है। पीड़ित राहु भ्रम, भय, धोखा, लत, कानूनी परेशानी और अचानक हानि लाता है।
राहु महादशा के उपाय क्या हैं?
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः का जप करें, विशेषकर शनिवार को; रत्न तभी पहनें जब लग्न के अनुकूल हो; और ग्रह से जुड़ा दान करें।