विंशोत्तरी दशा
बुध महादशा: फल, अंतर्दशा और उपाय
बुध महादशा सत्रह वर्ष की होती है और बुद्धि, वाणी, व्यापार, लेखन और शिक्षा को पुरस्कृत करती है।
| अवधि | 17 वर्ष |
|---|---|
| क्रम | शनि के बाद और केतु से पहले |
| इसके नक्षत्र | आश्लेषा, ज्येष्ठा, और रेवती |
| मंत्र | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः |
बुध महादशा के बारे में
बुध महादशा सत्रह वर्ष की होती है और बुद्धि, वाणी, व्यापार, लेखन और शिक्षा को पुरस्कृत करती है। यह प्रायः शिक्षा और व्यवसाय का काल होता है।
कब शुभ फल देती है
बलवान बुध पढ़ाई, व्यापार, लेखा, मीडिया और संवाद में सफलता, तेज़ बुद्धि और अच्छे मित्र देता है।
कब कठिन होती है
पीड़ित बुध घबराहट, त्वचा रोग, व्यापार या अनुबंध में परेशानी और गलतफहमियाँ लाता है।
बुध महादशा में अंतर्दशाएँ
| अंतर्दशा | अवधि | सामान्य स्वरूप |
|---|---|---|
| बुध–बुध | 2 वर्ष 5 माह | मित्रवत |
| बुध–केतु | 0 वर्ष 12 माह | मिश्रित |
| बुध–शुक्र | 2 वर्ष 10 माह | मित्रवत |
| बुध–सूर्य | 0 वर्ष 10 माह | मित्रवत |
| बुध–चंद्र | 1 वर्ष 5 माह | सावधानी |
| बुध–मंगल | 0 वर्ष 12 माह | मिश्रित |
| बुध–राहु | 2 वर्ष 7 माह | मिश्रित |
| बुध–गुरु | 2 वर्ष 3 माह | मिश्रित |
| बुध–शनि | 2 वर्ष 8 माह | मिश्रित |
स्वरूप केवल दोनों ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता दिखाता है। वास्तविक फल आपकी कुंडली में दोनों की स्थिति पर निर्भर है।
बुध महादशा के उपाय
- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का 108 बार जप करें, विशेषकर बुधवार को।
- पन्ना रत्न
- 10 मुखी रुद्राक्ष
अपनी दशा की पूरी समयरेखा हर अंतर्दशा और तिथियों के साथ देखें।
मेरी कुंडली बनाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बुध महादशा कितने वर्ष की होती है?
विंशोत्तरी पद्धति में बुध महादशा 17 वर्ष की होती है।
बुध महादशा शुभ है या अशुभ?
बलवान बुध पढ़ाई, व्यापार, लेखा, मीडिया और संवाद में सफलता, तेज़ बुद्धि और अच्छे मित्र देता है। पीड़ित बुध घबराहट, त्वचा रोग, व्यापार या अनुबंध में परेशानी और गलतफहमियाँ लाता है।
बुध महादशा के उपाय क्या हैं?
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का जप करें, विशेषकर बुधवार को; रत्न तभी पहनें जब लग्न के अनुकूल हो; और ग्रह से जुड़ा दान करें।