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गुरु महादशा: फल, अंतर्दशा और उपाय

गुरु महादशा सोलह वर्ष की होती है और प्रायः जीवन के सबसे शुभ कालों में से एक होती है: ज्ञान, संतान, विवाह, गुरु और धन बढ़ते हैं।

अवधि16 वर्ष
क्रमराहु के बाद और शनि से पहले
इसके नक्षत्रपुनर्वसु, विशाखा, और पूर्वा भाद्रपद
मंत्रॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

गुरु महादशा के बारे में

गुरु महादशा सोलह वर्ष की होती है और प्रायः जीवन के सबसे शुभ कालों में से एक होती है: ज्ञान, संतान, विवाह, गुरु और धन बढ़ते हैं।

कब शुभ फल देती है

बलवान गुरु विवाह, संतान, उच्च शिक्षा, सम्मान, धन, आध्यात्मिक उन्नति और अच्छे सलाहकार देता है।

कब कठिन होती है

कमज़ोर गुरु यकृत या वज़न की समस्या, गलत सलाह, संतान में विलंब और धन में अति-आत्मविश्वास दे सकता है।

गुरु महादशा में अंतर्दशाएँ

अंतर्दशाअवधिसामान्य स्वरूप
गुरु–गुरु2 वर्ष 2 माहमित्रवत
गुरु–शनि2 वर्ष 6 माहमिश्रित
गुरु–बुध2 वर्ष 3 माहसावधानी
गुरु–केतु0 वर्ष 11 माहमिश्रित
गुरु–शुक्र2 वर्ष 8 माहसावधानी
गुरु–सूर्य0 वर्ष 10 माहमित्रवत
गुरु–चंद्र1 वर्ष 4 माहमित्रवत
गुरु–मंगल0 वर्ष 11 माहमित्रवत
गुरु–राहु2 वर्ष 5 माहमिश्रित

स्वरूप केवल दोनों ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता दिखाता है। वास्तविक फल आपकी कुंडली में दोनों की स्थिति पर निर्भर है।

गुरु महादशा के उपाय

अपनी दशा की पूरी समयरेखा हर अंतर्दशा और तिथियों के साथ देखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु महादशा कितने वर्ष की होती है?
विंशोत्तरी पद्धति में गुरु महादशा 16 वर्ष की होती है।
गुरु महादशा शुभ है या अशुभ?
बलवान गुरु विवाह, संतान, उच्च शिक्षा, सम्मान, धन, आध्यात्मिक उन्नति और अच्छे सलाहकार देता है। कमज़ोर गुरु यकृत या वज़न की समस्या, गलत सलाह, संतान में विलंब और धन में अति-आत्मविश्वास दे सकता है।
गुरु महादशा के उपाय क्या हैं?
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः का जप करें, विशेषकर गुरुवार को; रत्न तभी पहनें जब लग्न के अनुकूल हो; और ग्रह से जुड़ा दान करें।

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