ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

भावों में ग्रह · मारक

दूसरे भाव में सूर्य

Sun · धन भाव

सूर्य आत्मा, पिता, अधिकार और जीवनशक्ति का कारक है। दूसरे भाव, जिसे धन भाव कहते हैं, धन, परिवार और वाणी को दर्शाता है। जब सूर्य यहाँ होता है, तो इन विषयों पर उसका रंग चढ़ता है।

दूसरे भाव में पाप ग्रह वाणी को तीखा और धन को अस्थिर बना सकता है, परिवार में सावधानी चाहिए।

दूसरे भाव मारक भाव भी है और संसाधनों का भी, इसलिए फल ग्रह की स्थिति-बल पर बहुत निर्भर करते हैं।

सूर्य यहाँ सबसे अच्छे फल तब देता है जब वह मेष में उच्च, अपनी राशि (सिंह) में या मित्र राशि में हो, और अस्त न हो।

यदि सूर्य तुला में नीच हो या शनि या राहु से पीड़ित हो तो फल कमज़ोर होते हैं।

गोचर में

जब सूर्य आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में गोचर करता है, तो पारंपरिक रूप से उस समय अधिक सावधानी चाहिए।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

अपनी कुंडली में सूर्य किस भाव में है, उसके बल और स्थिति के साथ देखें।
मुफ्त कुंडली बनाएं

अन्य भावों में सूर्य

पहलेदूसरेतीसरेचौथेपाँचवेंछठेसातवेंआठवेंनौवेंदसवेंग्यारहवेंबारहवें

दूसरे भाव में अन्य ग्रह

चंद्रमंगलबुधगुरुशुक्रशनिराहुकेतु