ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

ज्योतिष के योग

अधि योग: अर्थ, निर्माण और फल

अधि योग तब बनता है जब शुभ ग्रह (बुध, गुरु, शुक्र) चंद्रमा से 6ठे, 7वें और 8वें भाव में हों।

कैसे बनता हैचंद्रमा से भाव 6, 7 या 8 में दो या अधिक शुभ ग्रह
प्रकारशुभ योग

अधि योग क्या है?

अधि योग तब बनता है जब शुभ ग्रह (बुध, गुरु, शुक्र) चंद्रमा से 6ठे, 7वें और 8वें भाव में हों।

फल

यह नेतृत्व, सुखी जीवन, अच्छा स्वास्थ्य, शत्रुओं पर विजय और विश्वास का पद देता है।

कब बलवान या कमज़ोर

यह तब सबसे बलवान है जब तीनों शुभ ग्रह भाग लें और बलवान हों; एक या दो से फल हल्का होता है।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

जाँचें कि आपकी कुंडली में अधि योग है या नहीं।
मेरी कुंडली बनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधि योग कैसे बनता है?
चंद्रमा से भाव 6, 7 या 8 में दो या अधिक शुभ ग्रह
अधि योग के क्या फल हैं?
यह नेतृत्व, सुखी जीवन, अच्छा स्वास्थ्य, शत्रुओं पर विजय और विश्वास का पद देता है।
अधि योग पूरा फल कब देता है?
यह तब सबसे बलवान है जब तीनों शुभ ग्रह भाग लें और बलवान हों; एक या दो से फल हल्का होता है।

और योग व दोष