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गजकेसरी योग: अर्थ, निर्माण और फल

गजकेसरी का अर्थ है 'हाथी और सिंह'।

कैसे बनता हैचंद्रमा से केंद्र (1, 4, 7, 10) में गुरु
प्रकारशुभ योग

गजकेसरी योग क्या है?

गजकेसरी का अर्थ है 'हाथी और सिंह'। यह तब बनता है जब गुरु चंद्रमा से केंद्र (1, 4, 7 या 10वें भाव) में हों, और सौभाग्य के सबसे प्रसिद्ध योगों में से एक है।

फल

यह बुद्धि, सम्मान, स्थायी यश, प्रभावशाली लोगों की सहायता और स्थिर समृद्धि देता है। ऐसे लोग प्रायः सलाहकार, शिक्षक या नेता बनते हैं।

कब बलवान या कमज़ोर

यह पूरा फल तब देता है जब गुरु और चंद्र बलवान हों, अस्त या नीच न हों, और राहु-केतु के साथ न हों। मकर में गुरु या पीड़ित चंद्र फल घटाते हैं।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजकेसरी योग कैसे बनता है?
चंद्रमा से केंद्र (1, 4, 7, 10) में गुरु
गजकेसरी योग के क्या फल हैं?
यह बुद्धि, सम्मान, स्थायी यश, प्रभावशाली लोगों की सहायता और स्थिर समृद्धि देता है। ऐसे लोग प्रायः सलाहकार, शिक्षक या नेता बनते हैं।
गजकेसरी योग पूरा फल कब देता है?
यह पूरा फल तब देता है जब गुरु और चंद्र बलवान हों, अस्त या नीच न हों, और राहु-केतु के साथ न हों। मकर में गुरु या पीड़ित चंद्र फल घटाते हैं।

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