ज्योतिष के योग
शश योग: अर्थ, निर्माण और फल
शश योग पंच महापुरुष योग है जो तब बनता है जब शनि अपनी राशि (मकर, कुंभ) या उच्च (तुला) में लग्न से केंद्र में हों।
| कैसे बनता है | {g} लग्न से केंद्र में स्वराशि या उच्च का |
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| प्रकार | शुभ योग |
शश योग क्या है?
शश योग पंच महापुरुष योग है जो तब बनता है जब शनि अपनी राशि (मकर, कुंभ) या उच्च (तुला) में लग्न से केंद्र में हों।
फल
यह बहुत लोगों पर अधिकार, राजनीति, प्रशासन, खनन, भूमि या श्रम से जुड़े काम में सफलता और मेहनत के स्थायी परिणाम देता है।
कब बलवान या कमज़ोर
यह 10वें भाव में और जब शनि अस्त न हो तब सबसे बलवान है। इसके फल प्रायः 36 वर्ष की आयु के बाद आते हैं।
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
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शश योग कैसे बनता है?
{g} लग्न से केंद्र में स्वराशि या उच्च का
शश योग के क्या फल हैं?
यह बहुत लोगों पर अधिकार, राजनीति, प्रशासन, खनन, भूमि या श्रम से जुड़े काम में सफलता और मेहनत के स्थायी परिणाम देता है।
शश योग पूरा फल कब देता है?
यह 10वें भाव में और जब शनि अस्त न हो तब सबसे बलवान है। इसके फल प्रायः 36 वर्ष की आयु के बाद आते हैं।