ज्योतिष के योग
मालव्य योग: अर्थ, निर्माण और फल
मालव्य योग पंच महापुरुष योग है जो तब बनता है जब शुक्र अपनी राशि (वृषभ, तुला) या उच्च (मीन) में लग्न से केंद्र में हों।
| कैसे बनता है | {g} लग्न से केंद्र में स्वराशि या उच्च का |
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| प्रकार | शुभ योग |
मालव्य योग क्या है?
मालव्य योग पंच महापुरुष योग है जो तब बनता है जब शुक्र अपनी राशि (वृषभ, तुला) या उच्च (मीन) में लग्न से केंद्र में हों।
फल
यह सौंदर्य, आकर्षण, सुखी विवाह, वाहन, विलासिता, कलात्मक प्रतिभा और जीवन का आनंद देता है।
कब बलवान या कमज़ोर
यह तब सबसे बलवान है जब शुक्र अस्त न हो और शनि, राहु या केतु की पीड़ा से मुक्त हो।
कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।
जाँचें कि आपकी कुंडली में मालव्य योग है या नहीं।
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मालव्य योग कैसे बनता है?
{g} लग्न से केंद्र में स्वराशि या उच्च का
मालव्य योग के क्या फल हैं?
यह सौंदर्य, आकर्षण, सुखी विवाह, वाहन, विलासिता, कलात्मक प्रतिभा और जीवन का आनंद देता है।
मालव्य योग पूरा फल कब देता है?
यह तब सबसे बलवान है जब शुक्र अस्त न हो और शनि, राहु या केतु की पीड़ा से मुक्त हो।