ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

ज्योतिष के योग

शकट योग: अर्थ, निर्माण और फल

शकट योग तब बनता है जब चंद्रमा गुरु से 6ठे, 8वें या 12वें भाव में हो।

कैसे बनता हैचंद्रमा गुरु से भाव 6, 8 या 12 में, और चंद्रमा केंद्र में नहीं
प्रकारकठिन योग

शकट योग क्या है?

शकट योग तब बनता है जब चंद्रमा गुरु से 6ठे, 8वें या 12वें भाव में हो। गाड़ी के पहिये की तरह भाग्य ऊपर-नीचे होता है।

फल

यह धन और पद में उतार-चढ़ाव, और अच्छे समय के बाद संघर्ष के दौर ला सकता है।

कब बलवान या कमज़ोर

यह तब भंग होता है जब चंद्रमा लग्न से केंद्र में हो या गुरु बलवान हो। ऐसी कई कुंडलियाँ अड़तीस-चालीस की उम्र के बाद अच्छा करती हैं।

कोई भी एक स्थिति अकेले नहीं पढ़ी जाती: राशि, दृष्टि, युति, दशा और पूरी कुंडली परिणाम बदलते हैं।

जाँचें कि आपकी कुंडली में शकट योग है या नहीं।
मेरी कुंडली बनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शकट योग कैसे बनता है?
चंद्रमा गुरु से भाव 6, 8 या 12 में, और चंद्रमा केंद्र में नहीं
शकट योग के क्या फल हैं?
यह धन और पद में उतार-चढ़ाव, और अच्छे समय के बाद संघर्ष के दौर ला सकता है।
शकट योग पूरा फल कब देता है?
यह तब भंग होता है जब चंद्रमा लग्न से केंद्र में हो या गुरु बलवान हो। ऐसी कई कुंडलियाँ अड़तीस-चालीस की उम्र के बाद अच्छा करती हैं।

और योग व दोष