ग्रहवाणीग्रहों की वाणी
नई कुंडली

नक्षत्र

हस्त नक्षत्र

हस्त, यानी हाथ, कौशल, चतुराई और व्यावहारिक, साधन-संपन्न बुद्धि देता है।

विस्तारकन्या 10° – कन्या 23° 20′
स्वामी ग्रहचंद्र
देवतासविता (सूर्य)
प्रतीकहाथ
गणदेव
योनि (पशु)महिष
नाड़ीआदि (वात)
राशिकन्या
रत्न (स्वामी का)मोती

हस्त का स्वभाव

हस्त, यानी हाथ, कौशल, चतुराई और व्यावहारिक, साधन-संपन्न बुद्धि देता है। इसके जातक हाथ और वाणी में कुशल, विनोदी और परिश्रमी होते हैं, और विचारों को परिणाम में बदल सकते हैं।

इसका स्वामी चंद्र मन, माता, भावनाएँ और शांति का कारक है, और यहाँ चंद्रमा वाले जातकों की पहली दशा इसी की होती है।

चारों पद

अनुकूलता

गुण मिलान के अनुसार सबसे अनुकूल नक्षत्र हैं स्वाति, उत्तराषाढ़ा, पुष्य, चित्रा, और रेवती।

सबसे कम अनुकूल हैं ज्येष्ठा, शतभिषा, और अश्विनी।

मध्य पदों के लिए 36 गुण के अष्टकूट से निकाला गया; आपके सटीक पद और पूरी कुंडली इसे बदल सकते हैं।

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शिशु नाम

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